बालेसर जोधपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 'नशा मुक्त राजस्थान' संकल्प को साकार करने की दिशा में राजस्थान पुलिस ने एक और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। जोधपुर के बालेसर के बावरली गांव इलाके में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी (MD) ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव शर्मा की सीधी मॉनिटरिंग और ANTF के आईजी विकास कुमार के निर्देशन में हुई इस रेड ने ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ दी है। पूरी रात चली मुठभेड़, दनादन हुई फायरिंग - विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को बालेसर में अवैध रूप से ड्रग्स निर्माण की गुप्त सूचना मिली थी। जब पुलिस की विशेष टीमों ने फैक्ट्री की घेराबंदी की, तो आरोपियों ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और पूरी रात मुठभेड़ का सिलसिला चलता रहा। इस साहसिक ऑपरेशन में पुलिस ने जान की बाजी लगाकर भाग रहे आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को दबोच लिया। बताया जा रहा है कि भागने के दौरान एक आरोपी की टांग टूट गई, जिसे हिरासत में लेकर उपचार के लिए भेजा गया है। 100 किलो MD ड्रग्स: करोड़ों की खेप बरामद* पुलिस ने फैक्ट्री से लगभग 100 किलोग्राम एमडी ड्रग्स और नशीले पदार्थ बनाने के उपकरण जब्त किए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद ड्रग्स की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। यह राजस्थान में अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स विरोधी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। आईजी विकास कुमार के नेतृत्व में पुलिस की टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस फैक्ट्री से ड्रग्स की सप्लाई किन-किन राज्यों और शहरों में की जा रही थी।