प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दोपहर 1:53 पर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। जिसके बाद लोग गुगल से लेकर डिक्शनरी तक में ढूंढने लगे कि आखिर पीएम ने लिखा क्या है। कुछ लोगों ने तो सोशल मीडिया पर यहां तक लिख दिया कि प्रधानमंत्री का एक्स आकाउंट हैक हो गया है, लेकिन सच्चाई इससे उलट है। दरअसल, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया अकाउंट ना तो हैक हुआ और ना ही कुछ गलती से पोस्ट किया गया। उनके अधिकांश फ़ॉलोअर्स को आश्चर्य हुआ कि उनका ट्वीट किस बारे में था। ऐसा इसलिए था क्योंकि गूगल और अन्य ऑनलाइन अनुवादक टेक्स्ट को उनकी भाषाओं में परिवर्तित नहीं कर सकते थे। बता दें कि प्रधानमंत्री ने 30 जून को मनाए जाने वाले हूल दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस ट्वीट से कुछ क्षण पहले प्रधानमंत्री ने हिंदी में अपनी शुभकामनाएं भेजी थीं। पीएम ने लिखा कि हूल दिवस हमारे आदिवासी समाज के अप्रतिम साहस, संघर्ष और बलिदान को समर्पित एक महान अवसर है। इस पावन दिवस पर सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो जैसे जनजातीय वीर-वीरांगनाओं को मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। ब्रिटिश साम्राज्य के अत्याचार के खिलाफ उनके स्वाभिमान और पराक्रम की कहानियां देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी।
Join our app to earn points & get the text & video content in your preffered language
PLease Click Here to Join Now
Search
Categories
- City News
- State News
- National
- Crime
- Entertainment
- Viral News
- Special
- Sports
- Politics
- Business
- International
- Health
- Spiritual
- Agriculture
- Education
- Election
Read More
दमदार बैटरी और बेहतरीन प्रोसेसर के साथ इस दिन लॉन्च होगा Asus का ये खास फोन, यहां जानें जरूरी डिटेल
स्मार्टफोन का बाजार दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कंपनियां लगातार नए फोन लॉन्च करती रहती...
સિહોર નગરપાલિકાના દ્વારા સફાઇ કામદાર સાથે અન્યાય
સિહોર નગરપાલિકા દ્વારા સામાજિક ન્યાય અને અધિકારીતા વિભાગ દ્વારા મંજૂર થયેલ રોસ્ટર મુજબ મંજુર થયેલ...
Sugandha Mishra Johnny Lever And Sanket Bhosale Break Down At Raju Srivastava Prayer Meet
Sugandha Mishra Johnny Lever And Sanket Bhosale Break Down At Raju Srivastava Prayer Meet
আজাদী কা অমৃত মহোৎসৱ উপলক্ষে আজি বামুণবাৰীত ছাত্ৰ-ছাত্ৰীৰ এক বিশাল তিৰঙ্গা ৰেলী
আজাদী কা অমৃত মহোৎসৱ উপলক্ষে আজি বামুণবাৰীত ছাত্ৰ-ছাত্ৰীৰ এক বিশাল তিৰঙ্গা ৰেলী