बाड़मेर। जिला मुख्यालय पर सोमवार को आदिवासी कांग्रेस के तत्वावधान में अरावली बचाओ पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा का उद्देश्य अरावली पर्वतमाला को अवैध खनन, पर्यावरणीय दोहन और प्राकृतिक असंतुलन से बचाने के लिए जन-जागरूकता फैलाना तथा सरकार का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित करना रहा।
पदयात्रा में जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष श्री लक्ष्मण सिंह गोदारा ने भाग लेते हुए कहा कि अरावली केवल पहाड़ नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान की जीवनरेखा है। इसके संरक्षण से ही जल, जंगल और ज़मीन सुरक्षित रह सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए सदैव संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।

इस अवसर पर डीसीसी के पूर्व जिलाध्यक्ष श्री फतेह ख़ान जी ने कहा कि अरावली का विनाश आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सरकार को विकास के नाम पर प्रकृति के साथ हो रहे अत्याचार को तत्काल रोकना चाहिए। आदिवासी कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष श्री रतन वरण जी ने पदयात्रा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अरावली क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी समुदाय का जीवन सीधे तौर पर जंगल, पानी और जमीन से जुड़ा हुआ है। यदि अरावली नष्ट होगी तो आदिवासी समाज का अस्तित्व भी संकट में पड़ जाएगा।

पदयात्रा में प्रदेश सचिव श्री गणेशा राम जी, अमोलख सोमानी, हितेश जी दहिया, सरिता भील, भँवरा राम जी मिठडी, चौखाराम बाहला, नगसा बाहला, नारू राम जी सहित बड़ी संख्या में भील समाज के मौजिज लोग, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।

पदयात्रा के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में मांग की कि अरावली क्षेत्र में अवैध खनन पर सख़्त रोक लगाई जाए, पर्यावरण संरक्षण कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए तथा आदिवासी समाज के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें पर्यावरण बचाने और अरावली संरक्षण के संकल्प के साथ जनसंदेश दिया गया।