उचाना विधानसभा सीट पर मतगणना के छठे राउंड के परिणाम सामने आ गए हैं. कांग्रेस उम्मीदवार बृजेंद्र सिंह बीजेपी के देवेंद सिंह अत्री से बढ़त बनाए हुए हैं. जेजेपी चीफ और पूर्व उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला करीब 23 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं. जेजेपी का इस बार खाता तक नहीं खुला. तीन निर्दलीय प्रत्याशियों से पीछे चल रहे हैं. जेजेपी इस बार हरियाणा में चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. जेजेपी ने हरियाणा में 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारा था. 20 सीटों पर आसपा के उम्मीदवार थे. 70 सीटों में से एक भी सीट पर जेजेपी जीतती नजर नहीं आ रही है. 2019 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ी जेजेपी को 10 सीटें मिली थीं. इस बार तो पार्टी का बुरा हाल है. जेजेपी चीफ दुष्यंत चौटाला खुद अपनी सीट हार रहे हैं. दुष्यंत चौटाला के परिवार से 5 सदस्य चुनावी मैदान में हैं. पांचों लोग पीछे चल रहे हैं. 2019 में जेजेपी ने 10 सीट जीतने के बाद बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई. करीब साढ़े चार साल तक सरकार चली. जिसमें दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री रहे. मगर इस साल मार्च में जेजेपी बीजेपी से अलग हो गई. लोकसभा चुनाव में भी जेजेपी का प्रदर्शन बहुत खराब रहा. चौधरी देवीलाल का 1967 से लेकर 1989 तक हरियाणा की राजनीति में दबदबा रहा. दो बार हरियाणा के मुख्यमंत्री भी बने. 1989 में उप-प्रधानमंत्री भी बने. इसके बाद देवीलाल ने अपने बेटे चौधरी ओम प्रकाश चौटाला को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप दी. ओम प्रकाश चौटाला 4 बार हरियाणा के सीएम थे.